बंगाल में सड़क पर प्रदर्शन, ममता बोलीं, ‘मेरा सिर काट लीजिए’

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कोलकाता
चक्रवाती अम्फान तूफान ने बंगाल में भारी तबाही मचाई है। राज्य सरकार के अनुसार, अम्फान के चलते एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं कोलकाता में तूफान के चलते पानी – बिजली की समस्या के होने पर कई इलाकों में लोगों सड़कों पर उतर आए हैं और ममता सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस बीच ममता बनर्जी से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब इसको लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ‘आप मेरा सिर काट लीजिए।’ लोगों के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धर्य बनाए रखने की बात कही है। ममता ने राज्य में बिजली और अन्य आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के लिए थोड़ा और समय मांगा है।

  • हम दिन-रात काम कर रहे हैं-ममता
  • ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,’ इस भयानक तबाही को सिर्फ दो ही दिन बीते हैं। हम दिन रात काम कर रहे हैं। कृपया धैर्य रखें। हम कोशिश कर रहे हैं कि सब चीजें पहले की तरह हो जाएं।’ ममता ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है। ममता से लोगों के प्रदर्शन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ यह कह सकती हूं कि मेरा सिर काट लीजिए।’
  • बड़ी संख्या में महिलाएं कर रहीं प्रदर्शन
  • बता दें कि कोलकाता में बिजली आपूर्ति न होने के कारण सैकड़ों लोग विरोध करने के लिए सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। दक्षिण में बेहला से लेकर उत्तर में बेलघारिया तक कई इलाकों में प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों ने पानी और बिजली सप्लाइ ठप होने पर प्रशासन के फेल साबित होने के आरोप लगाए। प्रदर्शन में कई सारी महिलाएं शामिल हैं जिन्होंने कहा कि बिजली-पानी न होने के चलते उन्हें पिछले तीन दिनों से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
  • ममता बोलीं- जमीनी हकीकत समझें, सहयोग करें
  • ममता ने लोगों ने संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, ‘हम एक समय में चार चुनौतियों का सामना कर रहे हैं- COVID-19, लॉकडाउन, प्रवासी मजदूरों से जुड़े मुद्दे और अब चक्रवाती आपदा। हर व्यक्ति को जमीनी हकीकत को समझना चाहिए और सहयोग करना चाहिए।’ बता दें कि पश्चिम बंगाल में अम्फान तूफान के चलते 86 लोगों की मौत हो गई है।सरकार ने बताया कि पीने के पानी की व्यवस्था और ड्रेनेज इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुधारना हमारी प्राथमिकता है। जहां जरूरत है वहां जेनरेटर लगाए जा रहे हैं। चक्रवात में जो पेड़ गिरे हैं उन्हें हटवाने के लिए कई विभागों की मदद ली जा रही है।

ओड़िशा ने मदद का हाथ बढ़ाया

  • राहत कार्य के लिए ओडिशा भेजेगा 1000 जवान
  • ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप जेना ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राहत कार्य में ओडिशा भी मदद करेगा। उन्होंने कहा, ‘ओडिशा सरकार ने पश्चिम बंगाल में गिरे पेड़ों को हटाने, रोड क्लियर करने और अन्य राहत कार्य के लिए ओडिशा डिजास्टर रैपिड ऐक्शन फोर्स के 500 जवान और फायर डिपार्टमेंट के 500 कर्मी भेजने का फैसला लिया है।’

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